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据ESPN名记Shams Charania报道,29岁自由球员、前锋海伍德·海史密斯的经纪人杰里·迪亚尼斯透露,海史密斯以一份一年合同回归太阳。
去年8月,海史密斯遭遇右膝半月板撕裂,之后被热火交易去了篮网。今年2月,海史密斯被篮网裁掉,随后和太阳签下一份2年385万美元的合同(次年薪资300万美元,仅100万受保障)。数日前,海史密斯刚遭太阳裁员,如今又重返菲尼克斯。 राज्य ब्यूरो, रांची । झारखंड के स्कूलों में बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर घटी है। दर में यह कमी सभी स्तर पर हुई है। प्राथमिक स्कूलों में तो यह दूर शून्य हो गई है। वहीं, उच्च प्राथमिक स्कूलों में यह दर नौ प्रतिशत से घटकर 1.70 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह, माध्यमिक स्कूलों में यह दर 15.16 प्रतिशत से घटकर 3.50 हो गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी यूडायस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फारमेशन सिस्टम) प्लस-2024-25 की रिपोर्ट में झारखंड के स्कूलों में ड्राप आउट की दर में भारी कमी आने का तथ्य सामने आया है। यह रिपोर्ट सरकारी, सहायता प्राप्त तथा गैर सरकारी स्कूलों यानी तीनों श्रेणी के स्कूलों के संदर्भ में है।यूडायस प्लस-2023-24 की रिपोर्ट की तुलना में 2024-25 में झारखंड के स्कूलों में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) भी बढ़ा है। यह वृद्धि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में हुई है। वहीं, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में सकल नामांकन अनुपात में न तो वृद्धि हुई है और न ही उसमें कमी आई है। प्राथमिक में यह अनुपात 93 तथा उच्च प्राथमिक में पूर्व की तरह 83 है। वहीं, माध्यमिक में नामांकन अनुपात 62 से बढ़कर 73 प्रतिशत हो गया है। वहीं, उच्च प्राथमिक में यह अनुपात 41 प्रतिशत से बढ़कर 49 प्रतिशत हो गया है। झारखंड में शून्य नामांकन वाले स्कूलों की संख्या तो घटी है, लेकिन यह समस्या अब भी बनी है। यहां अब भी 107 स्कूल ऐसे हैं जहां शून्य नामांकन है तथा वहां 31 शिक्षक कार्यरत हैं। वहीं, सिंगल टीचर वाले स्कूलों की संख्या थोड़ी बढ़ी है। ऐसे स्कूलों में अब भी 4,36,480 बच्चे पढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में स्कूलों की संख्या में आंशिक कमी आई है, लेकिन नामांकन बढ़ा है। वहीं, शिक्षकों की संख्या भी बढ़ी है। इससे छात्र शिक्षक अनुपात में भी सुधार हुआ है। हालांकि अभी भी झारखंड में प्रति स्कूल पांच शिक्षक कार्यरत हैं। झारखंड में प्रति स्कूल औसत नामांकन भी बढ़ा है।,
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Published on:18:03:11
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